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ये कैसी आजादी

जानते हैं.... जापान में यदि कोई गर्भवती महिला सड़क से गुजर जाती है तो लोग उसे तुरंत रास्ता दे देते हैं, उसके सम्मान में सिर से टोप उतार लेते हैं। वे जानते हैं कि यह स्त्री जापान का भविष्य अपने गर्भ में लेकर चल रही है । इसकी केयर करना हम सबकी जिम्मेदारी है । कौन जानता है यही बच्चा कल देश का बहुत बड़ा साहित्यकार, राजनेता, म्यूजिशियन, एक्टर, स्पोर्टसपर्सन बने जिससे देश पहचाना जाए ।

कभी चार्ली चैपलिन या हिटलर या नेपोलियन या लोनिन या कैनेडी या लिंकन या मार्टिन लूथर किंग भी ऐसे ही गर्भ के भीतर रहे होंगे ! हमें गर्भ और गर्भवती स्त्री का सम्मान करना चाहिए, जापानियों की तरह , यह हम सब की जिम्मेदारी है !! हम ऐसा सामाज बनायें कि किसी औरत को ऐसे हालात से न गुजरना पड़े !! यदि आप सक्षम हैं , और ऐसा कोई दृश्य आपके सामने से गुजर रहा हो तो उसे एक दिन की मजदूरी निकालकर दे दें , उससे कहें कि तुम आराम करो, आज के रोटी के पैसे हमसे ले लो ।

यह कोई समाधान नहीं है फिर भी ऐसे हालात में, कोई औरत शौक से अपने सिर पर बोझ नहीं उठाती है, रोटी मजबूर करती होगी उसे ।
आप करीना कपूर की गर्भावस्था तक मत जाइयेगा । करीना कपूर की गर्भावस्था के फोटो सेशन में, बहुत अन्तर है ।
“पेट भरे चकाचौंध जिंदगी और भूखी जिंदगी का अंतर है !”

कितना दु:खुद है कि आजादी के इतने सालों बाद भी हमें ऐसे देखने पड़ते हैं । यह किसी भी सभ्य सामाज के चेहरे का नकाब उतार लेती है । सरकारों के सारे दावों और तामझाम को एक पल में मटियामेट करके रख देती है !

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एक नया ख्वाब चलो आज नया एक  ख्वाब बुनते है सफेद कागज मे फिर नया रंग भरते हैं चलो आज नया एक ख्बाव फिर बुनते है ।। बारिश की बुंदो मे गल जायेगी, रंग-बिरंगी कागज की यह दूनिया   फिकी ना हो रंगो की चटक, आओ एक नया घर ढुढ़ते है   चलो आज नया एक ख्बाव बुनते है ।। टूटे हुए ख्बाव के महल को, निर्मान को सोचते है   भंवर जाल मे फसे इस जीवन को, नयी दिशा देते है.   चलो आज नया ख्बाव बुनते है ।। दुख-सुख आना जाना है   इनसे नही घबराना है. आज है काली रात, तो कल होगी सुनहरी सूबह   यही उम्मीद जागते है, चलो ,चलो नया एक ख्बाव फिर से बुनते है ।।